Sambit Patra on Waqf Bill: बुधवार को लोकसभा में वक्फ बिल पर 11 घंटे से अधिक समय तक बहस चली, बहस अब अपनी समाप्ति की ओर है. बहस के दौरान भाजपा सांसद सांबित पात्रा ने अपनी बात रखी. संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पसमांदा और बोहरा समाज का विकास चाहती है तो इस पर हंगामा क्यों बरपा है. पात्रा ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि दुनिया के मुस्लिम देशों की तुलना में भारत के मुसलमान ज्यादा सुरक्षित हैं.

उन्होंने कहा कि तुर्की, इंडोनेशिया, मिस्र और सऊदी अरब जैसे मुस्लिम देशों में वक्फ की व्यवस्था नहीं है, जबकि भारत में वक्फ कानून मौजूद है. उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार मुस्लिमों के पसमांदा और बोहरा समाज जैसे वंचित समुदायों का विकास चाहती है तो इसमें हंगामा क्यों बरपा है.

उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा, ‘‘क्या इन समाज के लोगों के विकास की बात करना, उन्हें वक्फ में शामिल करना गलत है और ऐसा करके मोदी जी गलत कर रहे हैं?” उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि वक्फ ने उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया.

भाजपा के ही निशिकांत दुबे ने इतिहास के हवाले से कहा कि यदि विपक्ष मोहम्मद गोरी और महमूद गजनवी को आक्रांता मानता है तो उसे यह भी जान लेना चाहिए कि गोरी ने ही पहले वक्फ की शुरुआत की थी.

उन्होंने भी कहा कि भारत से ज्यादा मुसलमान तुर्की, इंडोनेशिया और सऊदी अरब में रहते हैं और पूरी दुनिया में कोई मुस्लिम देश नहीं, जहां यह अधिकार दिया गया है, लेकिन भारत में वक्फ का अधिकार दिया गया है.

जनसेना पार्टी के टी उदय श्रीनिवास ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि समिति ने इस विधेयक को मौजूदा स्वरूप देने में काफी प्रयास किए. जनता दल (सेक्युलर) के एम मल्लेश बाबू ने विधेयक का समर्थन करते हुए सभी दलों से इसका समर्थन करने का अपील की.

वहीं कांग्रेस सदस्य अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि सरकार मुसलमानों की जमीन छीनकर उन्हें झुकाने की कोशिश कर रही है. 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ‘‘जिस पार्टी की सारी राजनीति हिंदू मुसलमान पर केंद्रित है , उन्हें मुसलमानों की चिंता कहां से हो गई.”

उन्होंने कहा कि सरकार के अनुसार अगर यह विधेयक मुसलमानों का इतना हितकारी है तो सदन में उपस्थित एक भी मुस्लिम सांसद इसका समर्थन क्यों नहीं कर रहा.

हरसिमरत ने कहा, ‘‘अगर सरकार की नीयत साफ है तो अयोध्या में राम मंदिर के बोर्ड में दो मुसलमानों को शामिल किया जाए.” चर्चा में निर्दलीय राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी हिस्सा लिया.

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