वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का नया बजट पेश कर दिया है. इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि किन सेक्टर्स को बड़ी राहत मिली है और कौन से सेक्टर की उम्मीदें अधूरी रह गईं? हेल्थ सेक्टर को लेकर क्या बड़ा आया है, इसे समझने के लिए NDTV डिजिटल से बातचीत में डॉक्टर स्वाति महेश्वरी ने बजट को 9/10 अंक दिए.
हेल्थकेयर सेक्टर को मिली बड़ी प्राथमिकता
डॉ. स्वाति ने कहा कि इस बार यह साफ दिखा कि हेल्थकेयर इंडस्ट्री को न सिर्फ प्राथमिकता दी गई है बल्कि इसे भारत की आर्थिक वृद्धि के एक अहम इंजन के रूप में पेश किया गया है.
10,000 करोड़ की “बायोफार्मा शक्ति”
उन्होंने कहा कि 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान यह संकेत देता है कि भारत आने वाले समय में मेडिकल डिवाइसेस, दवाइयां, डायग्नॉस्टिक्स के क्षेत्र में वैश्विक सप्लायर बनने की तैयारी कर रहा है. कोविड काल ने दुनिया को दिखाया कि एक बीमारी कैसे पूरे विश्व को प्रभावित कर सकती है. इसलिए भारत अपनी भविष्य की तैयारी को मजबूत कर रहा है.
GDP का कितना हिस्सा हेल्थ पर?
डॉक्टर स्वाति के अनुसार भारत अभी भी हेल्थकेयर पर GDP का पर्याप्त हिस्सा खर्च नहीं कर पाता. अभी भी हम 2.5% जीडीपी तक नहीं पहुँच पाए हैं. इस बार स्वास्थ्य बजट को करीब 99,000 करोड़ रुपये मिले हैं. इसके बावजूद, कई ऐसे सेक्टर जैसे मैन्युफैक्चरिंग, डायग्नॉस्टिक्स और प्राइमरी हेल्थकेयर को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है.
मेंटल हेल्थ को मिली मान्यता
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को अब भी बहुत बड़ा बजट नहीं मिला है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता और प्राथमिकता दी गई है. यह आगे की दिशा में जरूरी कदम है.
क्या वाकई बजट ‘एंटी-विमेन’ है?
ममता बनर्जी द्वारा बजट को “एंटी-विमेन” कहने पर डॉक्टर स्वाति ने असहमति जताई. उनका कहना है कि बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) को बढ़ावा. विमेन एंटरप्रेन्योरशिप को प्रोत्साहन. महिलाओं को परिवार के साथ-साथ देश की आर्थिक शक्ति बनाने पर जोर. उनके मुताबिक बजट में महिलाओं के लिए कई ऐसी स्कीमें और सपोर्ट मौजूद है जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना सकते हैं.
डॉ. स्वाति महेश्वरी के अनुसार यह बजट साफ संदेश देता है कि भारत हेल्थकेयर सेक्टर को देश की ग्रोथ का एक मजबूत स्तंभ मान चुका है. वैश्विक मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग में भारत अपनी हिस्सेदारी और बढ़ाना चाहता है. महिलाओं और स्वास्थ्य दोनों पर बजट में महत्वपूर्ण फोकस है. उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट को 9/10 अंक दिए और इसे भविष्य की दिशा तय करने वाला करार दिया.
