UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी मोड़ आ गया है। BSP सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने गठबंधन की खबरों को झूठा, भ्रामक और पार्टी को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है, यहां तक कि अफवाहें फैलाने में एआई के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अखिलेश यादव की 2027 की रणनीति को झटका लगा है, क्या PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण पर असर पड़ेगा और क्या योगी आदित्यनाथ को चुनौती देने की विपक्षी योजना कमजोर हो गई है। 2019 के SP-BSP गठबंधन के अनुभव के बाद मायावती का यह फैसला क्या पुराने सबक का नतीजा है? इस वीडियो में जानिए पूरा राजनीतिक विश्लेषण, संभावित समीकरण और 2027 की चुनावी तस्वीर पर इसका असर।
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