अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़े बयान दिए हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ जो लड़ाई चल रही है वो जल्द खत्म होगी और अमेरिका जीतेगा. साथ ही उन्होंने नाटो, ब्रिटेन और चीन को लेकर भी कई अहम बातें कहीं जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ जो टकराव चल रहा है वो बहुत जल्द खत्म होगा और इसमें अमेरिका की जीत होगी. यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि अभी दोनों देशों के बीच बातचीत कोशिशें चल रही हैं और पाकिस्तान मध्यस्थ बनने में जुटा है.
राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ये बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर से इस्लामाबाद पहुंचे हैं. उन्होंने रविवार को यहां आसिम मुनीर से मुलाकात की है.
शनिवार को अराघची इस्लामाबाद में थे और उसी दिन ओमान चले गए थे. जिसका बंद ट्रंप का भड़क गए थे और कहा था कि वह अपने प्रतिनिधत्व को 17 घंटे की यात्रा पर नहीं भेज रहे हैं. जो भी बात करनी होगी वह फोन पर भी हो सकती है. ये पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है. क्योंकि इस्लामाबाद में हुई वार्ता विफल रही थी और अब दूसरे दौर की वार्ता पर संशय बना हुआ है.
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ईरान को बातचीत का न्योता
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है तो वो फोन कर सकता है. यानी ट्रंप बातचीत का दरवाजा बंद नहीं कर रहे लेकिन शर्त यह है कि पहल ईरान को करनी होगी. यह एक तरह से ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश भी है.
ईरान के अंदर दो तरह के लोग
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जिन लोगों से वो ईरान के मामले में डील कर रहे हैं उनमें कुछ लोग बहुत समझदार हैं और कुछ नहीं हैं. इससे यह समझ आता है कि ईरान के अंदर भी अलग-अलग धड़े हैं. कुछ बातचीत के पक्ष में हैं और कुछ नहीं.
ईरान को ट्रंप की नसीहत
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा. यह एक तरह की चेतावनी भी है कि अगर ईरान ने सही कदम नहीं उठाए तो नतीजे अच्छे नहीं होंगे.
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम छीनने की बात
राष्ट्रपति ट्रंप ने बहुत सीधे शब्दों में कहा कि वो ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करवाएंगे. उन्होंने कहा ‘हम ईरान की न्यूक्लियर धूल लेंगे’ यानी परमाणु से जुड़ी हर चीज को हटाना बातचीत का हिस्सा होगा. यह अमेरिका की सबसे बड़ी मांग है.
NATO पर गुस्सा
राष्ट्रपति ट्रंप ने NATO यानी पश्चिमी देशों के सैनिक गठबंधन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ईरान के मामले में NATO ने उनका साथ नहीं दिया. ट्रंप पहले भी NATO की आलोचना करते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने साफ कह दिया कि जब उन्हें जरूरत थी तब NATO काम नहीं आया.
ब्रिटेन पर नाराजगी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ब्रिटेन को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने कहा कि वो जहाज तब भेजेंगे जब जंग खत्म हो जाएगी. ट्रंप ने इसे गलत बताया. उनका मतलब साफ है कि जब खतरा हो तभी साथ देना असली दोस्ती है, जंग खत्म होने के बाद मदद का कोई मतलब नहीं.
चीन पर क्या बोले?
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के बारे में थोड़ा नरम रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि वो चीन से बहुत ज्यादा निराश नहीं हैं. साथ ही यह भी कहा कि चीन और बुरा हो सकता था लेकिन वो उतना बुरा नहीं रहा.
पाकिस्तान पर ईरान का अविश्वास – सांसद बोले ‘निष्पक्ष नहीं’, US के पक्ष में झुकने का आरोप
ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने पाकिस्तान को मध्यस्थ के रूप में अविश्वसनीय बताते हुए उस पर अमेरिका के पक्ष में झुकने का आरोप लगाया.
रेजाई ने कहा कि पाकिस्तान एक अच्छा दोस्त और पड़ोसी देश जरूर है, लेकिन वह बातचीत के लिए एक भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं माना जा सकता. उनके मुताबिक, किसी भी मध्यस्थ की सबसे बड़ी जिम्मेदारी निष्पक्ष रहना होती है, लेकिन पाकिस्तान इस कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा.
پاکستان دوست و همسایه خوب ماست اما واسطه مناسبی جهت مذاکرات نیست و اعتبار لازم را برای واسطهگری ندارد. آنها همیشه مصلحت ترامپ را در نظر میگیرند و برخلاف میل آمریکاییها حرفی نمیزنند بطور مثال حاضر نیستند به دنیا بگویند که آمریکا ابتدا پیشنهاد پاکستان را پذیرفت اما بعد زیر حرفش…
— ابراهیم رضایی (@EbrahimRezaei14) April 26, 2026
क्या है अपडेट?
रविवार को एक बार फिर से ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे हैं. यह उनकी 24 घंटे के भीतर दूसरी बार पाकिस्तान का दौरा है. शनिवार को वह इस्लामाबाद से ओमान गए थे. फिर रविवार को इस्लामाबाद लौट गए. इसके बाद वह रूस भी जाने वाले हैं.
इनपुट: फॉक्स न्यूज, एपी, रॉयटर्स
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