पटना के गांधी मैदान में गुरुवार को एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्री शपथ ले सकते हैं. नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी मंत्री बनने की चर्चा है.
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नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. Photograph PTI
बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम होने जा रहा है. राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होना है. सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से 16-16 मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं.
यह विस्तार संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. खास बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर मंत्रियों की सूची अभी जारी नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं.
12 बजे के बाद शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है शुरू
बताया जा रहा कि शपथ ग्रहण समारोह दोपहर करीब 12 बजे के बाद शुरू हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुबह करीब 11:30 बजे पटना पहुंचने की संभावना है. इस बार का समारोह पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा भव्य होगा.
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15 अप्रैल को जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कार्यक्रम सीमित दायरे में आयोजित किया गया था, क्योंकि उस समय शीर्ष नेता चुनावी व्यस्तताओं में उलझे थे. अब सरकार पूरी मजबूती के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के मूड में दिख रही है. साथ ही, मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए गठबंधन में संतुलन साधने की कोशिश भी साफ नजर आ रही है.
गांधी मैदान में तैयारियां तेज
इस बड़े आयोजन को लेकर गांधी मैदान में तैयारियां तेज कर दी गई हैं. विशाल मंच तैयार किया जा रहा है, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. प्रशासन भी इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय है.
यह मंत्रिमंडल विस्तार न सिर्फ सरकार के भीतर संतुलन तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा भी प्रभावित करेगा. हाल के चुनावी नतीजों और बदलते समीकरणों के बीच यह आयोजन एनडीए के लिए अपनी ताकत दिखाने का अहम अवसर माना जा रहा है. कुल मिलाकर, पटना का गांधी मैदान एक बार फिर बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनने जा रहा है.
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